10th Hindi Examination 2024
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10th Hindi Examination 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक हिन्दी परीक्षा 2024 महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।

10th Hindi Examination 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक हिन्दी परीक्षा 2024 महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।

10th Hindi Examination 2024 :- बिहार बोर्ड मैट्रिक हिन्दी परीक्षा 2024 महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ।यदि आप अभी बिहार बोर्ड से 2024 में मैट्रिक का परीक्षा देने के लिए तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए किस आर्टिकल के माध्यम से हिंदी का महत्वपूर्ण लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न बताया गया जो सीधे आपके परीक्षा में मिलने वाला है तो चलिए आप लोग नीचे हिंदी का महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव क्वेश्चन याद कर ले ताकि आपको एग्जाम में अच्छा सा अच्छा नंबर मिले ।

 

1. सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए लेखक ने किन विशेषताओं को आवश्यक माना है ?

उत्तर :- सच्चे लोकतंत्र की स्थापना के लिए लेखक भाईचारा, सामूहिक जीवनचर्या की एक रीति तथा समाज के सम्मिलित अनुभवों के आदान-प्रदान को आवश्यक माना है। समाज में सभी भाई-भाई की तरह रहे और सबमें एक-दूसरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हो ।

2  हर बरस आबिन्यों में कब और कैसा समारोह हुआ करता है ?

उत्तर:- आविन्यों फ्रांस का एक प्रमुख कला केंद्र रहा है। यहाँ गर्मियों में फ्रांस और यूरोप का एक अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय रंग-समारोह प्रतिवर्ष होता है।

3. मन लेहु पै देहु छटाँक नहीं’ से कवि का क्या अभिप्राय है ?

उत्तर :- कवि धनानन्द ने प्रेम-मार्ग की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा है कि यह ऐसा मार्ग है जिसमें मन चला जाता है किन्तु कुछ मिलता नहीं। वस्तुतः मन के यहाँ दो अर्थ हैं- एक अन्तर अर्थात् हृदय और दूसरा माप की इकाई ‘मन’ जो अपने जमाने में सर्वाधिक वजनी माना जाता था। इस प्रकार एक अर्थ यह है कि प्रेम-मार्ग में सर्वाधिक ‘मन’ देना किन्तु पाना एक छटाँक भी नहीं है। वस्तुतः कवि के मन लेहुँ पै देहु छटाँक नहीं कहने का तात्पर्य यह है कि प्रेम-मार्ग उत्सर्ग मार्ग हैं इस पर प्रतिदिन के आकांक्षी नहीं चलते।

4. भारतमाता का हास भी राहुग्रसित क्यों दिखाई पड़ता है ?

उत्तर :- कहते हैं राहु जैसे दुष्ट ग्रह की छाया जब चन्द्रमा पर पड़ता है तो ग्रहण होता है। अर्थात् चन्द्रमा की प्रसन्नता, हँसी-खुशी, कांति कम हो जाती है। चूँकि भारतमाता पराधीन है, विदेशियों की काली छाया इस।रही है, अतएव इसकी हँसी पर भी ग्रहण लगा है। इसी कारण इसका ह्रास भी राहुग्रसित दिखाई देता है।

5. कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था ?

उत्तर :- कवि के दरवाजे पर भी एक बहुत पुराना वृक्ष था। मजबूत और फैला तना था उसका, जिसकी तना के ऊपर पत्तियाँ फैली थी जैसे कोई मुरैठा बाँधे हो, जड़े कुछ फैली थी जैसे जूते पहनने से पैर कुछ लम्बा-चौड़ा नजर आता है। तने के ऊपर एक लंबी डाल थी जैसे कोई राइफल कंधे पर लिए हो। इन्हीं समानताओं के कारण कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार लगता था।

10th Hindi Examination 2024
10th Hindi Examination 2024

6. बहू ने सास को मनाने के लिए कौन-सा तरीका अपनाया ?

उत्तर :- बहु ने सास को मनाने के लिए एक अच्छा-सा तरीका अपनाया। उसने अपने बच्चे को सिखाया कि तू अपनी दादी के पास चला जा, वह मिठाई देती है। हमारे घर कदम मत रखना ।

7. माँ मंगु को अस्पताल में क्यों नहीं भर्ती कराना चाहती ? विचार करें ?

उत्तर :-
पहला कारण है लोकलाज। वह समझती है कि यदि मंगु का अस्पताल में भर्ती करा देगी तो लोग कहेंगे कि बेटी के प्रति उसके हृदय में ममता या दुलार नहीं है और वह अपनी बेटी की सेवा करना नहीं चाहती, बला समझती है। -दूसरा कारण यह है कि माँ जानती है कि मंग पूरा पागल है। उसे किसी चीज की सुध नहीं है। इन्ही कारणों से माँ मंगु को अस्पताल में भर्ती कराना नहीं चाहती ।

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 250- 300 शब्दों में निबंध लिखें?

1 . सदाचार 2 . स्वास्थ्य ही धन है 3 . ईद

1 . सदाचार

.भूमिका :

स्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन वरदान के समान होता है। पर अस्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन बोझ और अभिशाप बन जाता है। स्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन का प्रत्येक क्षण आनन्द से भरा होता है। पर अस्वस्थ व्यक्ति के लिए जीवन का प्रत्येक क्षण घोर दंश के समान होता है। धन के अभाव में सुख की कामना की जा सकती है। पर स्वास्थ्य के अभाव में सुख की कामना असंभव है।

स्वस्थ जीवन का महत्व : 10th Hindi Examination 2024

भोजन में विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, लवण आदि की आनुपातिक मात्रा होनी चाहिए। चटपटा और मसालेदार भोजन से हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचता है। शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। भोजन में हरी सब्जी और दूध का सेवन करना लाभदायक होता है। बंद डिब्बों में आनेवाले भोज्य पदार्थ से भरसक बचने का प्रयास करना चाहिए।

लाभ :

नियमित प्रातः भ्रमण और व्यायाम से हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है। हम स्वस्थ रहेंगे तभी हमारे मस्तिष्क का समुचित विकास होगा। कहा भी गया है स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए यह भी आवश्यक है।

निष्कर्ष :
अपनी बेकार की चिंताओं से मुक्त होते हैं और हमारे GLA’S जीवन में प्रसन्नता का प्रवेश होता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य प्रति हमेशा सावधान रहना चाहिए।

 

2 . स्वास्थ्य ही धन है

भूमिका :

सदाचार दो शब्दों के मेल से बना है सद् और आचार। सद् का अर्थ भला और आचार से तात्पर्य है व्यवहार अर्थात् अच्छा व्यवहार। धम्मपद में लिए लिखा गया है कि सभी सुगन्धों में सदाचार की सुगन्ध सर्वोत्तम है।

महत्व :

सदाचार अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जीवन में सफलता और शान्ति के लिए सदाचारी होना बहुत जरूरी है। वस्तुतः उत्तम चरित्र का प्रभाव अत्यन्त व्यापक होता है। वह चुम्बक की भाँति लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है और सूरज की भाँति ऊर्जा का संचार करता है।

लाभ :

सदाचारी गुणों का आगार होता है। वह सत्य का साधक होता है। क्रोध, लोभ और काम को वह अपने पास फटकने नहीं देता। वह अभिमानी नहीं, स्वाभिमानी होता, स्वाभिमानी होता है। वह सदा उत्साह से भरा, दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता है। वह दूसरों की भावनाओं को न ठेस पहुँचता है, न स्वतंत्रता छीनता है। सदाचार ही मनुष्य और पशु केबीच अन्तर दिखाता है।

निष्कर्ष :

यही कारण है कि सदाचारी का सिर्फ भैतिक शरीर नष्ट होता है, उसकी कीर्ति अमर रहती है क्योंकि उसी के बताए रास्ते पर दुनिया चलती है।

3 . ईद

भूमिका :

हमारे देश भारत में प्रत्येक समाज के अपने अलग-अलग त्योहार होते हैं और उनका महत्व भी उनके जीवन में बहुत अधिक होता है प्रत्येक व्यक्ति अपनी खुशी के लिए सब के साथ मिलकर मनाते हैं। इसे ईद-उल-फितर के नाम से भी जाना जाता है।

स्वरूप :

ईद का चाँद जैसे मुहावरे का सम्बन्ध ईद के त्योहार से है, क्योंकि ईद की गणना और आगमन चन्द्रमा के उदय होने पर निर्भर होता है। यह त्योहारों मुस्लिम भाईयों का एकमात्र ऐसा त्योहार है, जिस दिन वे सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं।

महत्व :

ईद का त्योहार प्रतिवर्ष एक बार नहीं बल्कि दो बार आता है, पहले यह फाल्गुन (फरवरी-मार्च) महीने में आता है तब इसे ईद-उल-फितर नाम से पुकारते हैं। दूसरी बार यह त्योहार ज्येष्ठ (मई) मास में आता है। तब इसे ईद-उल-जोहा पुकारते हैं।

लाभ-हानि :

रमजान के महीने में धार्मिक प्रवृत्तिवाले मुसलमान लोग सूर्योदय से पूर्व खा कर दिनभर रोजा (व्रत) रखा करते हैं। पूर्णतया पाक-साफ रह कर दिन भर में पाँच बार नमाज अदा करते हैं और निर्धनों को भोजन कराते हैं। बाद में स्वयं खाकर रोजा समाप्त करते हैं।

निष्कर्ष :

ईद या ईद उल 624 ईस्वी से मनाया जाता है। पैगम्बर हजरत मोहम्मद ने बद्र को युद्ध में विजय प्राप्त की थी। यह त्योहार उसी खुशी में मनाया जाता है। ईदका अर्थ होता है “खुशी मनाना या जश्न मनाना”।  10th Hindi Examination 2024

 

यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगे तो हमारे इससे जुड़ी और भी आर्टिकल में मैट्रिक का सभी विषय का सब्जेक्टिव एवं ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन को तैयारी किया जाता है तो इस वेबसाइट को जरूर फॉलो कर ले ताकि आपको हर विषय में सबसे महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव एवं ऑब्जेक्टिव प्रश्न मिलता रहे ।

 

10th  Sanskrit Examination 2024 

Mukesh Kumar
Mukesh Kumar is a Bihar native with a Bachelor's degree in Journalism from Magadh University. With three years of hands-on experience in the field of journalism, he brings a fresh and insightful perspective to his work. Mukesh Kumar is passionate about storytelling and uses his roots in Bihar as a source of inspiration. When he's not chasing news stories, government jobs updates, Bihar Board News government schemes, latest news updates, tech trends, current events in various fields including sports, gaming, politics, government policies, finance and etc.
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